Posts

बहुत कठिन है भुवनेश्वर होना

जब-जब भी शाहजहाँपुर के रंगमंच की बात होगी तो उसमें भुवनेश्वर का जिक्र अवश्य ही होगा। सिर्फ शाहजहाँपुर के रंगमंच की ही नहीं, बल्कि जब-जब हिंदी एकांकियों का इतिहास लिखा जाए...

बच्चूलाल

जो भी बच्चूलाल के बनाए हुए बर्तनों को देखता बस देखता ही रह जाता और उन्हें खरीदने के मोह से अपने को बचा नहीं पाता था। ऐसा होता भी क्यों ना! . . . चूँकि गाँव में और भी कई लोग बर्तन ब...