प्लूटो दिसंबर–जनवरी 2023

प्लूटो के दिसंबर-जनवरी 2023 अंक में एक चित्र है । नये साल की मुबारकबाद का । इसको बनाया है जर्मनी से एलन शा ने । चित्र में बापू हैं । उनके सामने उनका चरखा है । एक हाथ में चरखे का हैंडिल और दूसरे में डोरी का एक सिरा है । चरखे के पहिए में झूले की डोलियाँ हैं । डोलियों में बच्चे बैठे हुए झूला झूल रहे हैं । एक बच्चा झूला चला रहा है तो एक बच्चा झूले के ऊपर पैंग भर आसमान की ऊंचाइयों को नाप रहा है । एक बच्चा मसाल लिए हुए एक नई राह पर जा रहा है । कुछ बच्चे उसके पीछे हँसते-मुसकुराते हुए दौड़े चले जा रहे हैं । 

चित्र प्रतीकात्मक है । यहाँ बापू का सहज रूप है जो स्वावलंबन और स्वरोजगार की दृढ़ता के साथ नए समय के नवीन सपनों की अगुवाई कर रहा है । एक मसाल, जो नव-संदेश भर रही है । एक झूला, जो बच्चों से प्रेशर को छिटकाकर उनमें उमंग भरने का कार्य कर रहा है । झूले के ऊपर, आसमान में कुलाचें भारतया हुआ बच्चा सपनों की ऊंचाई को नाप रहा है । और मसाल के पीची दौड़ते हुए बच्चे बापू के विचारों को आगे ले जा रहे हैं । 

आप इस चित्र की इससे अलग व्याख्या भी कर सकते हैं । जब देखेंगे, जितनी बार देखेंगे, एक अलग भाव व्यंजित होता-सा आपको दिखेगा । 

कुल मिलाकर आप और आपका बच्चा कल्पनाशीलता की सकारात्मक ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे, यह निश्चित है । क्या इससे बेहतर कोई और भी व्याख्या हो सकती है सकारात्मकता से पूर्ण एक लोकतंत्रात्मक समाज की । चित्र नहीं यह पूरे दर्शन से भरी एक किताब है । बस इसको समझने के लिए आपको बच्चा होना होगा ।       

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