बच्चों के लिए कैसा साहित्य चाहिए ...

इधर मैं बच्चों के बीच पढ़ने को लेकर खूब बातचीत कर रहा हूं । अलग–अलग प्रकार का साहित्य भी उन्हें उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा हूं । बावजूद इसके बच्चे आज लिखे जा रहे बाल साहित्य को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं । इसके बहुत से कारण हो सकते हैं । मैं अलग अलग आयुवर्ग की कक्षाओं में जाकर प्रयोग करता हूं । बच्चों के सामने उनकी आयुवर्ग के अनुरूप बाल साहित्य की किताबें रखता हूं । तमाम सारी पत्रिकाएं । तरह तरह की किताबें । बच्चे उन्हें उलट पलट कर देखते भी हैं लेकिन कुछ देर के लिए ही सही, वह लगाव इकतारा / जुगनू के प्रकाशन की पत्रिकाओं और किताबों से कर रहे हैं । ऐसा क्यों है …? 

कक्षा नौ के बच्चों के बीच एक दिन मैंने किताबों की खूब बातें कीं । अक्सर करता रहता हूं । कई बार बच्चे इरीटेट भी होने लगते हैं । बावजूद इसके बच्चों में पढ़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, पर मैने देखा कि वह *वाइट टाइगर* जैसे उपन्यास पढ़ रहे हैं। बाल साहित्य के स्टेंडर्ड से वह स्वयं को काफी ऊपर मान रहे हैं । क्या आज के बाल साहित्यकार इस पर विचार कर रहे हैं अथवा केवल लिखने और पुरस्कृत होने के लिए ही, इतिहास में दर्ज होने के लिए ही लिखे जा रहे हैं… ? और जब बच्चों तक आपका लेखन नहीं पहुंचेगा, वह ही आपके लिखे को बहुत ही दृढ़ता से खारिज कर रहे हैं…? तो फिर काहे का लेखन, काहे का सम्मान और काहे की इतिहास में दर्ज होने की लालसा … ! 

बाल साहित्य खूब लिखा जा रहा है … 
बाल साहित्य खूब छप रहा है … 
बाल साहित्य पर खूब पुरस्कार मिल रहे हैं … 
… पर क्या … 
यह बाल साहित्य उन बच्चों तक पहुंच रहा है … ?
इस बाल साहित्य को बच्चे पढ़ रहे हैं … ? 
इस बाल साहित्य को बच्चे पसंद कर रहे हैं … ? 
क्या इस बाल साहित्य को लेखकों / कवियों के अपने घर के इंग्लिश मीडियमों में पढ़ने वाले बच्चे भी पढ़ या पसंद कर रहे हैं … 
क्या बाल साहित्यकार इन आधुनिक बच्चों की मानसिक स्थिति को समझ भी पा रहे हैं… ? 

आज पहली जरूरत है आधुनिक बच्चों के साथ सामंजस्य की । उनके मनोविज्ञान को समझने की । उनके साथ एक जरूरी संवाद बनाने की । आज के विज्ञान और परिवेश को समझने की । इसके बाद ही लिखिए । और उससे भी बढ़कर उस लिखे हुए को बालमन तक पहुंचाने का प्रयास भी लीजिए । 

हमारी टीम लिख नहीं रही है । लिखने वाले बहुत हैं । हम बस बच्चों के बीच एक संवाद कायम करने का, उनके बीच वैज्ञानिक दृष्टि से लिखे जा रहे रोचक बाल साहित्य को पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं । 

हम बच्चों और उनके अभिभावकों को एक साथ अपने साथ जोड़ने का प्रयास करते हुए उन्हें हम लोगों द्वारा चुना गया साहित्य खरीदकर पढ़ने के लिए बातचीत कर रहे हैं । 

ऐसे बच्चे जो खरीद नहीं सकते, उनको हम साथियों की मदद से मुफ्त में भी ऐसा साहित्य उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं । 

हम कला और मनोरंजन के माध्यम से बच्चों तक साहित्य को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं । 

इसके लिए हम साहित्य का चुनाव करने से पहले उसे स्वयं पढ़ते हैं । जब हमें वह रोचक और वैज्ञानिक लगता है, तभी आगे बढ़ाते हैं । 

इसके लिए एकलव्य, जुगनू और इकतारा की पत्रिकाएं, किताबे हमारा महत्त्वपूर्ण साथ दे रही हैं । इन्हें ही हम आधार बना रहे हैं । 

अब … 
 
यदि आपको लगता है कि आपका लिखा हुआ बाल साहित्य उपदेशात्मकता से दूर हमारे मानदंडों के अनुरूप है तो हम आपके लिखे हुए को भी बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे । बस इसके लिए मुझे आपका लिखा हुआ पहले पढ़ना पड़ेगा । उसके लिए हम प्रयासरत हैं । आप जिस भी रूप में हमारा साथ दे सकते हैं दीजिए, पर सम्मान और पुरस्कार पाने की लालसा से हमारे साथ जुड़िएगा । 

आओ, एक नई दुनिया को संवारे । इस दुनिया को बच्चों की निगाहों से निहारें । आओ हम बातें करें अपने … *छोटू प्लैनेट* की … 

#छोटूप्लैनेट
#Chotuplanet

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